72 वर्षीय बुजुर्ग से TPDDL बिजली कनेक्शन पर नाम बदलने के नाम पर ₹1.99 लाख की ठगी, उत्तर प्रदेश के 3 जिलों में 1000 KM पीछा कर साइबर नॉर्थ ने दबोचे आरोपी
नई दिल्ली। साइबर ठगों द्वारा मासूम नागरिकों को ठगने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) वॉलेट का दुरुपयोग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए साइबर थाना नॉर्थ पुलिस ने 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खातों में ₹2.50 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है।
पीड़ित एक 72 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक ने टाटा पावर में सोलर कनेक्शन और मौजूदा बिजली कनेक्शन पर नाम बदलने के लिए आवेदन किया था। 18.07.2026 को उन्हें 88668193XX नंबर से कॉल आया। आरोपी ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर नाम बदलने के लिए ₹13/- का अतिरिक्त भुगतान करने को कहा और WhatsApp पर एक APK फाइल भेजकर इंस्टॉल करवाई। फाइल इंस्टॉल करते ही उनके PNB खाते से ₹1,99,003.54/- रुपये उड़ा लिए गए। इस पर PS साइबर नॉर्थ में e-FIR No. 00195/26 दर्ज की गई।
Ms. निहारिका भट्ट, IPS, DCP/North के पर्यवेक्षण, Addl. DCP-I श्री पुखराज कमल गुप्ता, Addl. DCP-II श्री राम दुलेश मीणा के मार्गदर्शन तथा ACP ऑपरेशंस श्री विशेष धत्तरवाल और SHO साइबर नॉर्थ इंस्पेक्टर रोहित गहलोत के नेतृत्व में SI अरविंद यादव, HC हिमांशु और HC रवि की टीम गठित की गई।
तकनीकी और वित्तीय जांच में पता चला कि ठगी की रकम PayU गेटवे के जरिए एक CSC मर्चेंट और फिर Ashish Kumar Jansewa Kendra के नाम से CSC वॉलेट में ट्रांसफर हुई। तकनीकी सर्विलांस पर 31.08.2026 को तीनों आरोपियों को शाहजहांपुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) से 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में आशीष कुमार (24 वर्ष) – निवासी शाहजहांपुर। CSC लाइसेंस धारक, लेकिन जनसेवा केंद्र चलाता नहीं था। अपना वॉलेट ID-पासवर्ड कमीशन पर आगे दिया। दूसरा अमित कुमार (23 वर्ष) – निवासी लखीमपुर खीरी। CSC वॉलेट, बैंक खातों और फर्जी सिमों का प्रबंधक। ग्राहकों की पोर्टिंग वाली सिमें रोककर ठगी में इस्तेमाल करता था और उमेश चंद (37 वर्ष) – निवासी लखीमपुर खीरी। 5% कमीशन पर वॉलेट ऑपरेट करता था और आगे राम दास नाम के व्यक्ति को WhatsApp पर डिटेल भेजता था।
खुलासा – आरोपी CSC वॉलेट के जरिए ठगी की रकम को बिल पेमेंट के नाम पर घुमाते थे। बरामद बैंक खातों से 5 अलग-अलग राज्यों की साइबर ठगी की शिकायतें पहले ही जुड़ चुकी हैं।
इसके पास से 05 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड, 09 पासबुक, 06 चेक बुक, 15 डेबिट/क्रेडिट कार्ड और 01 बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन बरामद हुई है। आगे की जांच जारी है।