नई दिल्ली, 20 जुलाई।
राजधानी के नई दिल्ली इलाके में आज नागरिक संगठन CJP द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने उग्र, आक्रामक और हिंसक व्यवहार किया। बार-बार चेतावनी और वैध निर्देशों के बावजूद भीड़ ने तितर-बितर होने से इनकार कर दिया और लागू निषेधाज्ञा का जानबूझकर उल्लंघन किया।
पुलिस प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों पर पथराव किया, बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया, पुलिस और अन्य सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस बड़े पैमाने पर हुई हिंसा से सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा इंतजामों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया।
इस झड़प में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। दिल्ली पुलिस कमिश्नर घायलों से अस्पताल में मिलने पहुँचे। घायलों में विशेष पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त रैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। कई महिला पुलिसकर्मी भी घायल हुई हैं। वहीं धक्का-मुक्की के दौरान करीब 60 प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की सूचना है।
घायल पुलिसकर्मियों का मेडिको-लीगल परीक्षण (MLC) कराया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि उग्र भीड़ ने सार्वजनिक संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया। घटना के दौरान 15 से 20 सरकारी वाहनों सहित अन्य सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ की गई।
मामले में पुलिस ने करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। दंगा, लोक सेवकों पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान सहित अन्य अपराधों के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वह सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। गैरकानूनी और हिंसक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।