सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया से 136 करोड़ की ठगी, EOW ने भगोड़े को पटना से दबोचा

नई दिल्ली, 3 अगस्त

आर्थिक अपराध शाखा (EOW), दिल्ली पुलिस ने सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) को फर्जी बैंक गारंटी के जरिए ठगने के मामले में फरार घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान शिव शंकर दास पुत्र संचू दास निवासी – SGIL रेसिडेंजा, ब्लॉक 5, 2A, मानिकपुर, राजबाड़ी, दमदम, कोलकाता, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। उसे बिहार के पटना से गिरफ्तार किया गया है।

क्या है मामला?

यह मामला थाना EOW में FIR No. 79/2025 दिनांक 24.06.25, धारा 318(4)/338/336(3)/340(2)/61(2) BNS और 66D IT एक्ट के तहत दर्ज है।

शिकायत SECI के मैनेजर बिबलेश मीना ने दर्ज कराई थी। SECI नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत एक सार्वजनिक उपक्रम है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान रिलायंस NU BESS लिमिटेड, जो रिलायंस पावर लिमिटेड की सहयोगी कंपनी है, ने 68.20 करोड़ रुपये की दो फर्जी बैंक गारंटी जमा कीं।

ये गारंटी विदेशी बैंकों – ACE इन्वेस्टमेंट बैंक, मलेशिया और फर्स्ट रैंड बैंक लिमिटेड, मनीला, फिलीपींस द्वारा जारी बताई गई थीं। इनकी प्रामाणिकता के लिए SBI की तरफ से फर्जी ईमेल और फर्जी SFMS (Structured Financial Messaging System) कन्फर्मेशन लगाए गए थे, जिसे बाद में SBI ने सिरे से खारिज कर दिया।

जांच में सामने आया कि रिलायंस पावर लिमिटेड के CFO अशोक कुमार पाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने बिचौलियों के साथ मिलकर फर्जी बैंक गारंटी का इंतजाम करने की साजिश रची और इसके लिए मोटी रकम दी गई।

जांच में क्या निकला?

EOW की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी शिव शंकर दास ने सह-आरोपियों अशोक कुमार पाल, पार्थ सारथी बिस्वाल और अमर नाथ दत्ता के साथ मिलकर 68 करोड़ रुपये की दो फर्जी विदेशी बैंक गारंटी, SBI के फर्जी एंडोर्समेंट लेटर, सील, स्टांप और लेटरहेड तैयार करवाए।

आरोपी ने फर्जी SBI ईमेल ID बनाकर SECI और रिलायंस के अधिकारियों को फर्जी प्रमाणिकता भेजी। इस साजिश में अपनी भूमिका के लिए उसे 1.44 करोड़ रुपये मिले थे।

लगातार फरार रहने पर साकेत कोर्ट के CJM ने उसे भगोड़ा (Proclaimed Offender) घोषित कर दिया था।

कैसे पकड़ा गया?

भगोड़े को पकड़ने के लिए ACP विनोद गांधी की देखरेख में इंस्पेक्टर लक्ष्मण कुमार और SI अरविंद कुमार की टीम बनाई गई। तकनीकी निगरानी में पता चला कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार लोकेशन बदल रहा है।

टीम ने मेदिनीपुर, कोलकाता, आसनसोल (पश्चिम बंगाल) और मुंबई (महाराष्ट्र) में छापेमारी की। लगातार निगरानी के बाद आखिरकार 27 जुलाई 2026 को उसे पटना, बिहार से गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है।

EOW के एडिशनल कमिश्नर रवि कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी केवल 12वीं तक पढ़ा है, लेकिन फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उन्हें असली दिखाने में उसकी अहम भूमिका थी।

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