टी.बी. से जुड़े सवाल – डॉक्टर एस. के. अरोड़ा के साथ : टी.बी. और स्वास्थ्यकर्मी – जो दूसरों की सेहत का ख्याल रखते हैं, उनकी सुरक्षा भी जरूरी

जानिए जरूरी सवाल जवाब

प्रश्न 1: क्या स्वास्थ्यकर्मियों में टी.बी. का खतरा अधिक होता है?

उत्तर: स्वास्थ्यकर्मियों को टी.बी. के मरीजों के लगातार संपर्क में रहना पड़ सकता है, विशेषकर अस्पतालों, टी.बी. क्लीनिकों, प्रयोगशालाओं और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में। यदि किसी मरीज की संक्रामक टी.बी. की पहचान देर से होती है, तो occupational exposure का खतरा बढ़ सकता है। WHO स्वास्थ्य संस्थानों में TB infection prevention and control को महत्वपूर्ण मानता है।

प्रश्न 2: क्या इसका कोई आंकड़ा उपलब्ध है?

उत्तर: WHO Global TB Report 2025 के अनुसार, वर्ष 2024 में 63 देशों से 18,849 स्वास्थ्यकर्मियों में टी.बी. का diagnosis reported हुआ। यह पूरी दुनिया के स्वास्थ्यकर्मियों में टी.बी. के वास्तविक मामलों की संख्या नहीं है, क्योंकि सभी देशों में इस संबंध में समान स्तर पर reporting उपलब्ध नहीं है। WHO स्वास्थ्यकर्मियों में TB notification rate को infection-control व्यवस्था के प्रभाव को मापने वाले indicators में शामिल करता है।

भारत में प्रकाशित 10 अध्ययनों की 2024 systematic review और meta-analysis में स्वास्थ्यकर्मियों में TB का pooled prevalence 2,391.6 प्रति 100,000 पाया गया। यह विभिन्न अध्ययनों का pooled estimate है, इसे भारत में हर वर्ष होने वाले मामलों की संख्या नहीं माना जाना चाहिए।

प्रश्न 3: किन स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए?

उत्तर: डॉक्टर, नर्स, laboratory personnel, radiology staff, ward attendants, technicians, community health workers तथा अन्य healthcare और support staff—विशेषकर वे लोग जिनका TB patients से नियमित संपर्क होता है—को उचित infection-prevention measures का पालन करना चाहिए।

प्रश्न 4: अस्पताल में टी.बी. का occupational risk किन कारणों से बढ़ सकता है?

उत्तर: TB की देर से पहचान, बंद या अपर्याप्त ventilated कमरे, भीड़भाड़, infectious patients के साथ लंबे समय तक संपर्क और उचित respiratory protection का अभाव जोखिम बढ़ा सकते हैं। भारत में किए गए एक अध्ययन में frequent patient contact तथा कुछ high-exposure clinical areas को TB acquisition के अधिक risk से जोड़ा गया था।

प्रश्न 5: स्वास्थ्य संस्थानों में TB से बचाव कैसे किया जा सकता है?

उत्तर: सबसे महत्वपूर्ण उपाय हैं—TB की जल्दी पहचान, संदेह वाले मरीजों का उचित clinical management और आवश्यक precautions, पर्याप्त ventilation, उचित respiratory protection तथा infection-control practices का लगातार पालन। इसका उद्देश्य केवल healthcare worker की सुरक्षा नहीं, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों की भी सुरक्षा करना है।

प्रश्न 6: क्या N95 mask हर healthcare worker के लिए हर समय जरूरी है?

उत्तर: respiratory protection का उपयोग situation और occupational risk के अनुसार किया जाना चाहिए। TB के संदिग्ध या infectious मरीजों के संपर्क में आने वाले healthcare workers के लिए appropriate respiratory protection महत्वपूर्ण हो सकती है। संस्थान की infection-control policy और उपलब्ध राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय guidance के अनुसार इसका उपयोग किया जाना चाहिए।

प्रश्न 7: क्या healthcare workers को TB के लक्षणों को नजरअंदाज करना चाहिए क्योंकि वे स्वयं medical professionals हैं?

उत्तर: बिल्कुल नहीं। लगातार खांसी, बुखार, रात में पसीना, unexplained weight loss, भूख कम होना या लंबे समय तक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। Healthcare worker को भी समय पर medical evaluation लेना चाहिए और स्वयं diagnosis या treatment शुरू करने से बचना चाहिए।

प्रश्न 8: क्या healthcare workers में TB screening की भूमिका है?

उत्तर: Occupational risk, symptoms और institutional policy के अनुसार screening और evaluation की भूमिका हो सकती है। विशेष परिस्थितियों में risk assessment और timely testing महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य बीमारी की जल्दी पहचान करना और transmission को रोकना है।

प्रश्न 9: TB से बचाव में healthcare institution की क्या जिम्मेदारी है?

उत्तर: Healthcare institution को TB infection prevention and control को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसमें administrative measures, environmental controls जैसे ventilation और appropriate respiratory protection के साथ-साथ healthcare workers की training और timely evaluation शामिल हैं।

डॉ. एस. के. अरोड़ा की सलाह :

“जो स्वास्थ्यकर्मी दूसरों के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं, उनकी अपनी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। TB की जल्दी पहचान, उचित infection-control measures, पर्याप्त ventilation और जरूरत के अनुसार respiratory protection से occupational exposure का जोखिम कम किया जा सकता है। किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करें।”

“तंबाकू छोड़ें → टी.बी. रोकें → जीवन बचाएँ”

डॉ. एस.के. अरोड़ा
सीनियर चेस्ट विशेषज्ञ,कंसल्टेंट,
पूर्व दिल्ली स्टेट टीबी हेड, दिल्ली सरकार (डब्ल्यूएचओ द्वारा सम्मानित)
TB Expert | Tobacco Control Advocate | Public Health (India).

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