नई दिल्ली। मध्य जिला पुलिस ने End-of-Life (ELV) वाहनों की चोरी करने वाले एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी MCD अधिकारी बनकर फर्जी रिमूवल ऑर्डर चिपकाकर 15 साल पुराने दोपहिया वाहन चोरी करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अदनान सैफी (24 वर्ष) और अकरम (43 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की एक स्कूटी, चोरी के वाहनों के कटे हुए पार्ट्स, पांच फर्जी रिमूवल ऑर्डर और फर्जी ऑर्डर की एक खाली बुकलेट बरामद की है।
इस कार्रवाई से थाना पहाड़गंज के वाहन चोरी के तीन मामले सुलझ गए हैं।
रोहित राजवीर सिंह आईपीएस डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के मुताबिक 20 जून 2026 को थाना पहाड़गंज में एक व्यक्ति ने शिकायत दी कि उसकी 15 साल पुरानी स्कूटी संगतराशन चौकी इलाके से चोरी हो गई है। मौके पर MCD करोल बाग जोन के नाम से M/s जय हिंद स्क्रैपर्स के पक्ष में जारी एक रिमूवल ऑर्डर चिपका मिला। MCD से वेरिफिकेशन पर पता चला कि निगम ने ऐसी कोई कार्रवाई ही नहीं की है। ऑर्डर पूरी तरह फर्जी था।
इस पर थाना पहाड़गंज में ई-FIR नंबर 014213/26, धारा 305(b) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
CCTV से खुला राज, ELV एजेंसी के पूर्व कर्मचारी का हाथ
मामले की गंभीरता को देखते हुए ACP पहाड़गंज सौरभ ए. नरेंद्र, IPS के निर्देशन और SHO पहाड़गंज इंस्पेक्टर भूपेंद्र कुमार की देखरेख में चौकी इंचार्ज SI श्री नारायण, ASI प्रेम कुमार, HC भागीरथ, HC अमित कुमार और HC निरंजन की टीम गठित की गई।
जांच में CCTV फुटेज खंगाली गई तो दो लोग चोरी की स्कूटी को दूसरी स्कूटी नंबर DL-11SL-**** से धक्का मारकर ले जाते दिखे। जांच में पता चला कि धक्का मारने के लिए इस्तेमाल हुई स्कूटी भी चोरी की है, जिसकी रिपोर्ट थाना प्रेम नगर में ई-FIR नंबर 015125/2025 के तहत दर्ज है।
MCD रोहिणी जोन और अधिकृत ELV एजेंसी M/s गो ग्रीन ELV हैंडलर्स से पूछताछ में साफ हुआ कि दोनों में से कोई भी वाहन कानूनी रूप से नहीं उठाया गया था। एजेंसी के दिल्ली स्थित प्रतिनिधि ने CCTV में दिखे एक आरोपी की पहचान अपने पूर्व कर्मचारी अदनान सैफी के रूप में की।
गुप्त सूचना पर 3 जुलाई 2026 को अदनान सैफी को रोहिणी से चोरी की स्कूटी के साथ दबोच लिया गया।
पूछताछ में अदनान ने बताया कि वह M/s गो ग्रीन ELV हैंडलर्स में दिहाड़ी मजदूर था। नौकरी से निकाले जाने के बाद उसने ELV उठाने की प्रक्रिया की जानकारी का गलत फायदा उठाया। वह खुद को MCD अधिकारी बताकर फर्जी रिमूवल ऑर्डर के जरिए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से ELV दोपहिया वाहन चुराने लगा।
उसने कबूला कि शिकायतकर्ता की स्कूटी चुराने के लिए उसने नई दिल्ली के लेबर चौक से एक मजदूर को हायर किया था। उसने 14 अन्य ELV वाहनों की चोरी में भी शामिल होने की बात कबूली है, जिसका वेरिफिकेशन जारी है।
अदनान ने यह भी बताया कि उसने थाना पहाड़गंज क्षेत्र से ही मोटरसाइकिल नंबर HR-35D-**** चुराकर कबाड़ी अकरम को बेची थी, जिस पर थाना पहाड़गंज में दूसरी FIR नंबर 015485/26 दर्ज की गई।
तकनीकी निगरानी और सूत्रों की मदद से पुलिस ने मायापुरी और अलीगढ़ में छापेमारी की और 6 जुलाई 2026 को मायापुरी से कबाड़ी अकरम को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया कि अकरम जानबूझकर चोरी के वाहन लेता था और शक से बचने के लिए फर्जी रिमूवल ऑर्डर अपने पास रखकर वाहनों को जल्दी-जल्दी काट देता था। वह MCD या किसी भी सरकारी एजेंसी से अधिकृत नहीं है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े से संबंधित धाराएं भी जोड़ी हैं। रैकेट में अन्य साथियों की भूमिका की जांच जारी है।