नई दिल्ली, 01 अगस्त 2026
मध्य जिला दिल्ली पुलिस द्वारा मनाए जा रहे बाल सुरक्षा माह – जुलाई 2026 का आज अरुण जेटली स्टेडियम में भव्य समापन हुआ। समापन समारोह के तहत मध्य और उत्तर जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों, ट्रस्टों और अनाथालयों के करीब 200 बच्चों को दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) के उद्घाटन समारोह और उद्घाटन मैच देखने का विशेष अवसर प्रदान किया गया।
बच्चों ने सेंट्रल दिल्ली किंग्स और पुरानी दिल्ली-6 के बीच खेले गए रोमांचक उद्घाटन मुकाबले का लुत्फ उठाया। इससे पहले बच्चों ने प्रसिद्ध गायिका सुनंदा शर्मा की सांस्कृतिक प्रस्तुति और DPL के शानदार उद्घाटन समारोह का भरपूर आनंद लिया। मध्य जिला पुलिस की ओर से सभी बच्चों को स्मृति चिन्ह के रूप में टी-शर्ट और जलपान भी वितरित किया गया।
बच्चों को किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान श्रीऋषि कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-प्रथम, मध्य जिला ने बच्चों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और समय पर पुलिस सहायता लेने के महत्व के बारे में बताया। बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन – 1098 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन – 1930 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और साइबर जागरूकता के प्रति संवेदनशील बनाया गया। कई बच्चों ने भी बाल सुरक्षा पर अपने विचार साझा किए और इस अनूठे अनुभव के लिए दिल्ली पुलिस का आभार व्यक्त किया।
एक महीने में 30,000 से अधिक बच्चों तक पहुंच
गौरतलब है कि बाल सुरक्षा माह के दौरान मध्य जिला पुलिस ने 40 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, थानों और समुदायों में 30,000 से अधिक बच्चों और उनके अभिभावकों को बाल सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, पॉक्सो एक्ट, साइबर सुरक्षा, आत्मरक्षा, नशा मुक्ति और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया।
पुलिस की प्रमुख पहल ‘नाजुक’ और ‘निर्भीक’ के तहत 6,000 से अधिक बच्चों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया, जबकि #SmartBacche अभियान के जरिए स्कूली बच्चों में सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार को बढ़ावा दिया गया। विशेष रूप से मूक-बधिर छात्रों, एनसीसी गर्ल कैडेट्स, महिला डॉक्टरों, लॉ के छात्रों और दिल्ली गेट स्थित ऑब्जर्वेशन होम के बच्चों के लिए भी विशेष सत्र आयोजित किए गए।
रोकथाम के साथ-साथ कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत पुलिस ने 25 गुमशुदा बच्चों को ढूंढकर उनके परिजनों से मिलाया।
इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त, मध्य जिला रोहित राजबीर सिंह, IPS ने कहा, “हर बच्चे को सुरक्षित और पोषक वातावरण में बढ़ने का अधिकार है। बाल सुरक्षा परिवार, स्कूल, समुदाय और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की साझा जिम्मेदारी है। निरंतर जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी से हम बच्चों को सशक्त बनाना चाहते हैं।”