नई दिल्ली : क्राइम ब्रांच की इंटर-स्टेट सेल ने 20 साल से फरार चल रही आजीवन कारावास की सजायाफ्ता और पैरोल जंपर साधना उर्फ पूजा को हरिद्वार से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, साधना थाना आदर्श नगर के FIR No. 06/1990 (धारा 302/364/120-B IPC) में 10 साल के बच्चे के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी है। उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी, जिसे दिल्ली हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा था।
वारदात: 6 जनवरी 1990 को आजादपुर टी-प्वाइंट से 10 साल का बच्चा लापता हुआ था। गवाहों ने साधना को बच्चे का हाथ पकड़कर ले जाते देखा था। जांच में सामने आया था कि साधना अपने साथी राजकुमार के साथ बिना शादी के रहती थी, जिसका मृतक के पिता बलवंत राम ने विरोध किया था। इसी रंजिश में बदला लेने के लिए बच्चे का अपहरण कर हत्या कर दी गई।
साधना 09.01.1990 से सेंट्रल जेल में बंद थी। 27.12.2005 को वह पैरोल पर बाहर आई और मेडिकल आधार पर 3 हफ्ते की मोहलत मिली, लेकिन 18.01.2006 को सरेंडर नहीं किया और फरार हो गई।
पहचान बदलकर छिपी रही: पैरोल जंप करने के बाद उसने अपना नाम बदलकर पूजा रख लिया। पहले नोएडा में प्राइवेट नौकरी की, फिर मुकुंदपुर, दिल्ली में 5 साल रही और बाद में हरिद्वार चली गई। वहां एक बढ़ई केशव से मंदिर में शादी कर उसके नाम से दस्तावेज बनवाकर रह रही थी।
गिरफ्तारी: ASI सुरेश गुप्ता की सूचना पर इंस्पेक्टर पंकज मलिक के नेतृत्व में SI अमित कुमार, ASI सुरेश गुप्ता, HC बृजेश, HC दिनेश, W/HC मनीषा और W/Ct. हीरा की टीम ने ACP रमेश चंदर लांबा की देखरेख में 27.09.2026 को हरिद्वार से उसे दबोचा।
गिरफ्तार कर उसे दोबारा जेल भेज दिया गया है।