करोल बाग पुलिस ने नाकाम की सोना-हीरा लूट की साजिश, 5 हथियारबंद आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली: करोल बाग पुलिस के बीट स्टाफ की सतर्कता से जय माता दी कूरियर कंपनी के डिलीवरी एजेंट को लूटने की बड़ी साजिश नाकाम हो गई। सोना-हीरे के आभूषण और अन्य कीमती सामान ले जा रहे कूरियर एजेंट को लूटने आए पांच बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से चार अवैध हथियार और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं।

ऐसे पकड़े गए आरोपी
13 जून 2026 को हेड कांस्टेबल जसबीर और कांस्टेबल मोहित गुरुद्वारा रोड, नाई वाला, बीडनपुरा में गश्त पर थे। तभी गली नंबर 58 के पास उन्हें एक नकाबपोश युवक बैग लेकर संदिग्ध हालत में दिखा। पुलिस को देखकर वह भागने लगा, लेकिन पीछा कर उसे दबोच लिया गया। तलाशी में उसके बैग से एक लोडेड देसी पिस्टल और एक लोडेड देसी कट्टा मिला।

पकड़े गए आरोपी की पहचान सुमित, उम्र 21 साल, निवासी लोनी देहात, गाजियाबाद के रूप में हुई। इसके बाद करोल बाग थाने में FIR No. 696/26, आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

टीम ने किया खुलासा
पूछताछ में सुमित ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर जय माता दी कूरियर कंपनी के एजेंट को लूटने वाला था। एजेंट के पास सोने-हीरे की कीमती खेप थी। गैंग पिछले 7-10 दिन से रेकी कर रहा था। उसके दो साथी भी बाइक से इलाके में मौजूद थे।

जानकारी मिलते ही SHO करोल बाग और ACP करोल बाग की देखरेख में SI सचिन, HC राजा राम, कांस्टेबल कुशल और कमलजीत की टीम बनाई गई। तकनीकी निगरानी और लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने सभी पांचों सुमित, कल्लू उर्फ ओम सैनी, रोहित, संदीप डेलवान और अभिषेक उर्फ बबलू साजिशकर्ताओं को पकड़ लिया।

साजिश का खुलासा
पूछताछ में पता चला कि ज्वेलर संदीप डेलवान इस साजिश का मास्टरमाइंड था। दो-तीन महीने पहले उसकी मुलाकात कूरियर कंपनी के कर्मचारी अभिषेक से हुई थी। अभिषेक ने ही संदीप को कीमती खेप की गोपनीय जानकारी दी।

संदीप पर कर्ज था और उसे आरोपी रोहित को पैसे लौटाने थे। इसी के चलते दोनों ने लूट की योजना बनाई। लूट के माल का बंटवारा भी तय था – 30% संदीप, 30% रोहित और बाकी 40% तीनों अन्य आरोपियों में बराबर बांटा जाना था। मामले में BNS की धारा 310(4)/3(5) भी जोड़ी गई हैं।

इसमें सुमित से एक देसी पिस्टल व एक कट्टा, दो जिंदा कारतूस , संदीप डेलवान से एक देसी पिस्टल ,ओम सैनी की निशानदेही पर एक लोडेड कट्टा व एक जिंदा कारतूस
कुल: चार अवैध हथियार और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इन आरोपियों में से पर रोहित पर पहले भी जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट के 2 केस दर्ज , संदीप डेलवान पर करोल बाग में धोखाधड़ी के 2 केस , कल्लू उर्फ ओम सैनी पर कृष्णा नगर थाने में आर्म्स एक्ट का 1 केस दर्ज है।

डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह, IPS ने बताया कि बीट स्टाफ की तत्परता और टीम की गहन जांच से न सिर्फ सशस्त्र डकैती टली, बल्कि अंदरूनी जानकारी के साथ चल रहे संगठित गिरोह का भी पर्दाफाश हुआ। पुलिस अब हथियारों की सप्लाई चेन और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

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