दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर पुलिस ने नकली बीमा फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया, 4 गिरफ्तार

दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर पुलिस स्टेशन ने बीमा पॉलिसी रिन्यूअल के नाम पर बुजुर्ग नागरिकों को ठगने वाले एक फर्जी बीमा फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से 2 लाख रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन, फर्जी बीमा दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं।


अमित गोयल, IPS, उप आयुक्त पुलिस,दक्षिण-पश्चिम जिला, नई दिल्ली के अनुसार , साइबर पुलिस स्टेशन, दक्षिण-पश्चिम जिला में शिकायतकर्ता की शिकायत पर दिनांक 18.05.2026 को e-FIR संख्या 235/26 धारा 308/318(4)/319/340 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके पास एक व्यक्ति का व्हाट्सएप कॉल आया, जिसने खुद को फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताया। कॉलर ने कहा कि उसकी बीमा पॉलिसी एक्सपायर हो गई है और रिन्यूअल के लिए 4 लाख रुपये का प्रीमियम बकाया है।भरोसा करके शिकायतकर्ता ने धोखेबाजों द्वारा दिए गए बैंक खातों में 4 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद व्हाट्सएप पर उसे फर्जी बीमा पॉलिसी के दस्तावेज भेजे गए।

पुलिस टीम और कार्रवाई:
इंस्पेक्टर कुलवीर सिंह के नेतृत्व में एसआई चेतन राणा, एएसआई आलोक, एचसी मनेन्द्र, एचसी विजयपाल, एचसी योगेश और एचसी बूप सिंह की एक समर्पित टीम गठित की गई। टीम की निगरानी इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक, SHO/PS साइबर SWD और ACP/Operations, SWD सुश्री संघमित्रा के मार्गदर्शन में की गई।

टीम ने मोबाइल नंबरों, डिजिटल फुटप्रिंट, वित्तीय लेन-देन और मनी ट्रेल का तकनीकी विश्लेषण किया। स्थानीय खुफिया सूचना और निगरानी के आधार पर आरोपी सुनील कुमार रावत को गांधी नगर, दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि राहुल ने म्यूल सिम कार्ड, बैंक खाते और फर्जी बीमा दस्तावेज उपलब्ध कराए थे।

उसके परिसर की तलाशी में 2 मोबाइल फोन, आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट और ठगी की रकम का हिस्सा माना जा रहा 2 लाख रुपये नकद बरामद हुए। आगे की जांच में राहुल और सोनू को गिरफ्तार किया गया। राहुल ने बताया कि अपराध में इस्तेमाल सिम कार्ड शिवम उर्फ मोनू के जरिए जुटाए गए थे, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

इस मामले में सुनील कुमार रावत (38 वर्ष): टेलीकॉलर और धोखाधड़ी का मुख्य अंजाम देने वाला,राहुल (28 वर्ष): म्यूल बैंक खाता प्रदाता और नकद वितरक,सोनू (37 वर्ष): फर्जी बीमा दस्तावेज तैयार करने वाला,शिवम उर्फ मोनू (26 वर्ष): म्यूल सिम कार्ड प्रदाता है।

    इसके पास से 2,00,000 रुपये नकद,3 कीपैड मोबाइल फोन, 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन,आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट, फर्जी बीमा पॉलिसी दस्तावेज बरामद हुए हैं।

      ठगी का तरीका:
      आरोपी म्यूल सिम कार्ड का इस्तेमाल कर खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर व्हाट्सएप कॉल करते थे। वे पीड़ितों को बताते थे कि उनकी पॉलिसी एक्सपायर हो गई है और तुरंत प्रीमियम भरना जरूरी है। ठगी की रकम म्यूल बैंक खातों में मंगवाकर बाद में नकद निकाल ली जाती थी और सिंडिकेट के सदस्यों में बांट दी जाती थी। पीड़ितों को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी बीमा दस्तावेज भी भेजे जाते थे। मामले में आगे की जांच जारी है।

      Leave a Reply

      Your email address will not be published. Required fields are marked *