नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस द्वारा राजधानी के सभी जिलों और थाना क्षेत्रों में अपराध पर लगाम लगाने के लिए लगातार पेट्रोलिंग का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
मध्य जिले के थाना नबी करीम के बीट नंबर 2 आर्य नगर का हाल सबसे बुरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पुलिस पेट्रोलिंग तो दूर, पुलिसकर्मी दूर-दूर तक नजर ही नहीं आते।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, बीट नंबर 2 ( बैंक ऑफ इंडिया और कोटक महिंद्रा बैंक के आस पास और पीछे का आर्य नगर क्षेत्र) के अंतर्गत आने वाले इलाके में दिन-रात असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। शाम होते ही नशेड़ियों और संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों में दहशत का माहौल है।
लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बीट अधिकारी और पेट्रोलिंग स्टाफ इलाके में गश्त नहीं करता।
“पूरी दिल्ली में पुलिस की गाड़ियां घूमती दिखती हैं, लेकिन हमारे इलाके में हफ्तों तक पुलिस की कोई गाड़ी नहीं आती। इसकी वजह से छोटे-मोटे अपराध और छिनैती की घटनाएं बढ़ गई हैं,” – एक स्थानीय दुकानदार ने बताया।
स्थानीय लोगों ने मध्य जिला के डीसीपी और थाना नबी करीम के एसएचओ से मांग की है कि बीट नंबर 2 आर्य नगर में नियमित रूप से पैदल और बाइक पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि इलाके में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनी रहे।