सोशल मीडिया पर ‘प्रेस’ और ‘मीडिया’ लिखने पर सवाल, क्या कहता है कानून?

वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार निर्भय

नई दिल्ली: आज हर दूसरा यूट्यूबर खुद को पत्रकार बता रहा है, अपने चैनल के लोगो पर PRESS, MEDIA, NEWS लिख रहा है और माइक पर प्रेस का स्टिकर लगा रहा है। इससे एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है – क्या कोई भी यूट्यूब चैनल चलाकर खुद को प्रेस घोषित कर सकता है? कानून क्या कहता है?

इस पूरे मामले को समझने के लिए पुराने PRB एक्ट 1867 (Press and Registration of Books Act) और नए कानून को समझना जरूरी है।
क्या कहता है नया कानून?
भारत सरकार ने अंग्रेजों के जमाने के PRB Act 1867 को खत्म कर दिया है। उसकी जगह अब प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियोडिकल्स एक्ट, 2023 (PRP Act, 2023) आ गया है, जो 1 मार्च 2024 से लागू हो चुका है।

इस कानून का मुख्य काम अखबारों और पत्रिकाओं (periodicals) के रजिस्ट्रेशन को डिजिटल और आसान बनाना है।

सबसे महत्वपूर्ण बात – PRB Act इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को कवर नहीं करता, इसका दायरा केवल प्रिंट मीडिया तक ही सीमित है। यानी यह कानून अखबार और मैगजीन के लिए है।
तो यूट्यूब पत्रकार किस कानून में आते हैं?
कानूनी जानकारों के मुताबिक यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेज, न्यूज पोर्टल PRP Act में नहीं आते। ये सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और IT नियम 2021 के तहत डिजिटल मीडिया के रूप में आते हैं।

संसद में जब PRP बिल पास हुआ था, तब भी सदस्यों ने मांग उठाई थी कि यूट्यूब चैनलों को भी इसके दायरे में लाया जाए, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया था कि प्रिंट और डिजिटल दोनों के कानून अलग-अलग हैं।

इसलिए कोई भी व्यक्ति सिर्फ यूट्यूब चैनल बनाकर खुद को PRP Act के तहत रजिस्टर्ड ‘प्रेस’ नहीं कह सकता। प्रेस लिखने के लिए PRGI (Press Registrar General of India) में रजिस्ट्रेशन जरूरी है।
क्या पत्रकार बनने के लिए योग्यता जरूरी है?
भारत में पत्रकार बनने के लिए कोई सरकारी लाइसेंस या न्यूनतम डिग्री कानून में अनिवार्य नहीं है। कोई भी व्यक्ति रिपोर्टिंग कर सकता है। लेकिन प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और पत्रकारिता के नैतिक मानदंड कहते हैं कि तथ्यों की जांच, दोनों पक्षों को सुनना और भ्रामक खबर न फैलाना पत्रकार की जिम्मेदारी है।

सरकार अब डिजिटल खबरों पर लगाम के लिए Broadcasting Services Regulation Bill, 2023 लाने पर विचार कर रही है, जिसमें यूट्यूब न्यूज चैनलों को भी रेगुलेट करने का प्रस्ताव है।

निष्कर्ष: सोशल मीडिया पर ‘PRESS’ लिखकर घूमना कानूनी रूप से प्रेस नहीं बनाता। PRP Act के तहत प्रिंट के अलावा कोई भी खुद को प्रेस लिखेगा तो वह गलत होगा। यूट्यूब क्रिएटर खुद को इंडिपेंडेंट जर्नलिस्ट, डिजिटल क्रिएटर या यूट्यूब पत्रकार कह सकते हैं, लेकिन खुद को PRB/PRP Act के तहत पंजीकृत प्रेस या मीडिया हाउस बताना कानून के हिसाब से सही नहीं माना जाता।

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