नई दिल्ली, 8 सितंबर। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही मोबाइल जैमर की अफवाहों का आधिकारिक सूत्रों ने खंडन किया है।
सोशल मीडिया के कुछ हैंडल्स द्वारा दावा किया जा रहा था कि रेस्क्यू साइट पर मोबाइल जैमर लगाए गए हैं, जिससे नेटवर्क बाधित है। जांच में यह दावा पूरी तरह असत्य और भ्रामक पाया गया।
जमीनी हकीकत क्या है:
📱 नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय: साइट पर सभी टेलीकॉम नेटवर्क सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। किसी भी तरह की नेटवर्क बाधा नहीं है।
📞 एजेंसियों में बेहतर तालमेल: दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमें मोबाइल फोन के जरिए ही लगातार समन्वय कर रही हैं और ऑपरेशन को अंजाम दे रही हैं।
🎥 लाइव प्रसारण जारी: मौके पर मौजूद मीडिया कर्मी और स्थानीय नागरिक बिना किसी रुकावट के लाइव प्रसारण और वीडियो अपलोड कर रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि एंगेजमेंट के लिए फैलाई जा रही ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सत्यापित आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें।