डीएमसी एक्ट के तहत कार्रवाई शून्य, चेयरमैन मनीष चड्ढा के वादे हवा-हवाई?
नई दिल्ली, पहाड़गंज: राजधानी का ऐतिहासिक और पर्यटन क्षेत्र पहाड़गंज आज अपनी पहचान को लेकर बदनाम हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पहाड़गंज की लगभग हर गली-कूचे में अवैध रूप से स्पा और मसाज सेंटर चल रहे हैं। इनकी आड़ में अनैतिक गतिविधियों के चलते स्थानीय परिवारों, बहन-बेटियों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
पहाड़गंज की जनता का सीधा सवाल भाजपा के निगम पार्षद और MCD स्वास्थ्य विभाग कमेटी के चेयरमैन मनीष चड्ढा से है।
क्या है जनता का आरोप?
1. चेयरमैन साहब ने बीते समय में सार्वजनिक रूप से बयान दिया था कि पहाड़गंज के हर गली-कूचे में चल रहे अवैध स्पा मसाज सेंटरों को बंद करवाया जाएगा।
2. लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई तो दूर, पहले से ज्यादा संख्या में नए स्पा खुल गए हैं।
3. देर रात तक खुले रहने वाले इन स्पा सेंटरों पर लोकल पुलिस द्वारा भी कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही है। जनता पूछ रही है – ये संरक्षण नहीं तो और क्या है?
कानून क्या कहता है? – DMC एक्ट के तहत है सख्त प्रावधान:-
MCD का स्वास्थ्य विभाग ही स्पा सेंटरों को लाइसेंस देने और बंद करने की अथॉरिटी है। इसमें डीएमसी एक्ट, 1957 का सख्त प्रावधान है:
धारा 417, 421, 422 के तहत हेल्थ ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य: बिना MCD के हेल्थ ट्रेड लाइसेंस के कोई भी स्पा / मसाज सेंटर नहीं चल सकता। लाइसेंस न होने पर यह पूरी तरह अवैध है।
दिल्ली हाईकोर्ट और सरकार की गाइडलाइन का उल्लंघन: माननीय दिल्ली हाईकोर्ट ने कई बार MCD को आदेश दिया है कि सभी स्पा सेंटरों का डेटा, वैध लाइसेंस और उनके बिजनेस प्रैक्टिस की जांच की जाए। दिल्ली सरकार की गाइडलाइन के अनुसार क्रॉस-जेंडर मसाज पर प्रतिबंध, महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार, प्रशिक्षित थेरेपिस्ट, सीसीटीवी और समय सीमा का पालन अनिवार्य है।
धारा 430 और 440 के तहत सीलिंग और बंद करने का अधिकार: MCD के स्वास्थ्य विभाग को अधिकार है कि वह अवैध रूप से चल रहे स्पा को तुरंत सील कर दे, लाइसेंस रद्द कर दे और भारी जुर्माना लगाए। मेयर द्वारा भी सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को अवैध स्पा सेंटरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
हाईकोर्ट में खुद यह तथ्य सामने आ चुका है कि दिल्ली में लगभग 5000 स्पा चल रहे हैं, जिनमें से केवल 400 के पास ही वैध लाइसेंस है।
अब कार्रवाई कौन करेगा?
नियम स्पष्ट है – MCD स्वास्थ्य विभाग को अवैध सेंटरों की पहचान कर नोटिस, चालान और सीलिंग की कार्रवाई करनी है और दिल्ली पुलिस को रात में अवैध गतिविधि और अश्लीलता फैलाने पर IPC/BNS और Immoral Traffic (Prevention) Act के तहत कार्रवाई करनी है।
परंतु पहाड़गंज /नबी करीम में जमीनी हकीकत यह है कि न तो लाइसेंस चेक हो रहे हैं, न ही डीएमसी एक्ट के तहत कोई सीलिंग हुई है।
पहाड़गंज की जनता अब MCD स्वास्थ्य कमेटी के चेयरमैन मनीष चड्ढा से जवाब मांग रही है कि जब मेयर का स्पष्ट आदेश है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्पा सेंटरों पर सख्त कार्रवाई होगी, तो पहाड़गंज में अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय निवासी आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर उप-राज्यपाल और दिल्ली हाईकोर्ट में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं।