पीएम नरेंद्र मोदी के आध्यात्मिक गुरु कालिदास जी महाराज ने भक्तों को अपने हाथों से कराया भोजन

अशोक कुमार निर्भय

नई दिल्ली/सांपला (हरियाणा): आध्यात्मिक जगत की प्रख्यात विभूति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आध्यात्मिक गुरु, यज्ञ सम्राट श्री श्री महामंडलेश्वर कालिदास जी महाराज ने एक बार फिर अपनी सरलता और सेवा भाव से भक्तों का दिल जीत लिया है। हरियाणा के सांपला स्थित अपने भव्य आश्रम में पूज्य महाराज श्री ने देश-विदेश से जुटे श्रद्धालुओं को अपने पावन हाथों से भोजन (प्रसाद) परोसा और उन्हें सनातन धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

इस पावन अवसर पर दिल्ली के मादीपुर से भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रदीप यादव के नेतृत्व में एक विशेष प्रतिनिधिमंडल महाराज श्री का आशीर्वाद लेने सांपला आश्रम पहुंचा। महाराज श्री ने पूरी आत्मीयता के साथ प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और उन्हें अपना विशेष आशीर्वाद प्रदान किया।
आश्रम में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के दौरान यज्ञ सम्राट कालिदास जी महाराज का एक बेहद अनूठा और संवेदनशील रूप देखने को मिला। अमूमन बड़े संतों और महामंडलेश्वरों के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं, लेकिन महाराज श्री ने खुद आगे बढ़कर एक-एक श्रद्धालु को अपने हाथों से भोजन कराया। आश्रम में मौजूद भक्तों के लिए यह क्षण भावुक करने वाला और अत्यंत सौभाग्यशाली था। महाराज श्री के इस सेवा भाव को देखकर वहां मौजूद हर कोई नतमस्तक हो गया।
मादीपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रदीप यादव और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने महाराज श्री के चरणों में शीश नवाया। महाराज श्री ने प्रदीप यादव और उनके सहयोगियों को समाज सेवा के पथ पर अडिग रहने का आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण और जनसेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। राजनीति में रहते हुए भी व्यक्ति को अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहिए।
चर्चा के दौरान कालिदास जी महाराज ने देश की सुख, समृद्धि और वैश्विक पटल पर भारत के बढ़ते गौरव को लेकर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से समाज के हर वर्ग से एकजुट होकर राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया।
महाराज श्री का आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद भावविभोर हुए भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रदीप यादव ने कहा कि पूज्य महाराज श्री के दर्शन मात्र से ही जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो जाता है। उनके हाथों से प्रसाद ग्रहण करना और उनका मार्गदर्शन मिलना हमारे पूरे प्रतिनिधिमंडल के लिए परम सौभाग्य की बात है। इस अवसर पर आश्रम परिसर ‘जय श्री राम’ और ‘महाराज जी के जयकारों’ से गूंज उठा।

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