निकोटिन और तंबाकू की लत का मुकाबला” और टीबी – तंबाकू का आपसी संबंध
प्रश्न 1: विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 की थीम क्या है?
WHO द्वारा घोषित थीम है:
“ तंबाकू पदार्थों के भ्रामक आकर्षण का पर्दाफाश”– निकोटिन और तंबाकू की लत का मुकाबला”
यह थीम बताती है कि तंबाकू और निकोटिन उद्योग किस प्रकार आकर्षक पैकेजिंग, फ्लेवर, सोशल मीडिया और नए उत्पादों के माध्यम से युवाओं को लत की ओर आकर्षित करते हैं।
प्रश्न 2: “ इस भ्रामक आकर्षण का पर्दाफाश” क्यों महत्वपूर्ण है?
कई तंबाकू और निकोटिन उत्पादों को इस तरह प्रस्तुत किया जाता है कि उनके नुकसान छिप जाएं।
जैसे: फ्लेवर्ड उत्पाद,
ई-सिगरेट, स्लिम सिगरेट
वेपिंग डिवाइस, निकोटिन पाउच,
आकर्षक डिजाइन आदि ।
इनसे लोगों को गलत तरीके से सुरक्षित या आधुनिक होने का भ्रम दिया जाता है।
प्रश्न 3: क्या निकोटिन की लत स्वयं खतरनाक है?
हाँ। निकोटिन अत्यधिक लत पैदा करने वाला पदार्थ है जो मस्तिष्क को प्रभावित करता है और निर्भरता पैदा करता है। यह लत अक्सर कम उम्र में शुरू होती है और लंबे समय तक बनी रह सकती है।
प्रश्न 4: तंबाकू और टीबी का क्या संबंध है?
तंबाकू और टीबी के बीच मजबूत वैज्ञानिक संबंध है।
तंबाकू फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है, प्रतिरोधक क्षमता कम करता है, टीबी का खतरा बढ़ाता है,
बीमारी को गंभीर बनाता है और इलाज के परिणाम खराब करता है।
प्रश्न 5: तंबाकू टीबी का खतरा कितना बढ़ाता है?
अध्ययनों के अनुसार तंबाकू सेवन करने वालों में टीबी का खतरा लगभग 2–3 गुना अधिक होता है।
इसके अलावा ठीक होने में देरी, बीमारी दोबारा होना, इलाज असफल होना, और मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।
प्रश्न 6: भारत के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत में दुनिया के सबसे अधिक टीबी मरीज हैं और तंबाकू सेवन करने वालों की संख्या भी बहुत अधिक है। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव पड़ता है।
प्रश्न 7: स्वास्थ्य व्यवस्था को क्या संदेश देना चाहिए?
टीबी नियंत्रण और तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रमों को साथ मिलकर काम करना चाहिए। हर टीबी मरीज की
तंबाकू जांच,काउंसलिंग,
और तंबाकू छोड़ने में सहायता
होनी चाहिए वहीं टीबी केंद्र में।
प्रश्न 8: लोग स्वयं और परिवार को कैसे बचा सकते हैं?
लोगों को सभी तंबाकू और निकोटिन उत्पादों से बचना चाहिए,
युवाओं को शुरुआत से रोकना चाहिए, तंबाकू-मुक्त घर बनाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर सहायता लेनी चाहिए।
प्रश्न 9: WNTD 2026 का मुख्य संदेश क्या है?
युवाओं को तंबाकू कंपनियों के भ्रामक प्रचार से बचाना है ।
“तंबाकू खत्म करें। टीबी खत्म करें। जीवन बचाएं।”
*निष्कर्ष*
डॉ. एस.के. अरोड़ा के अनुसार तंबाकू पदार्थों के भ्रामक आकर्षक पैकेजिंग और फ्लेवर के पीछे गंभीर लत और बीमारी छिपी होती है। निकोटिन और तंबाकू की लत को रोकना केवल कैंसर और हृदय रोगों के लिए ही नहीं, बल्कि टीबी मुक्त भारत के लिए भी आवश्यक है। टीबी और तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रमों को साथ मिलकर चलना जरूरी है। यही टीबी मुक्त भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा ।नैशनल टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-2356 पर कॉल करने से तंबाकू छोड़ने में मदद ली जा सकती है
डॉ. एस.के. अरोड़ा
सीनियर चेस्ट विशेषज्ञ,कंसल्टेंट,
पूर्व दिल्ली स्टेट टीबी हेड, दिल्ली सरकार (डब्ल्यूएचओ द्वारा सम्मानित)
TB Expert | Tobacco Control Advocate | Public Health (India)