नई दिल्ली: साइबर सेल, क्राइम ब्रांच, दिल्ली पुलिस ने ई-सिम टेकओवर कर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से दो मुख्य आरोपियों अंकित दास और सुबल दास को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई ई-एफआईआर नंबर 00107/2026 के तहत की गई, जिसमें शिकायतकर्ता ने 40 लाख 900 रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोपी खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते थे। फिजिकल सिम को ई-सिम में अपग्रेड करने के बहाने पीड़ित का नंबर अपने फोन में एक्टिवेट कर लेते थे। इसके बाद बैंक से आने वाले OTP और मैसेज पर कब्जा कर खाते से रकम निकाल लेते थे। आरोपी रोजाना करीब 200 लोगों को कॉल करते थे और वीडियो कॉल के दौरान टेलीकॉम कंपनी की ब्रांडेड टी-शर्ट और टोपी पहनकर भरोसा जीतते थे।
पूछताछ में अंकित ने बताया कि वह हर वारदात के बाद इस्तेमाल किया गया फोन दामोदर नदी में फेंक देता था। वह झारखंड के जामताड़ा का स्थायी निवासी है।
44 मोबाइल बरामद, 124 शिकायतों से जुड़े तार
इंस्पेक्टर संदीप सिंह के नेतृत्व में और ACP स्वागत राजकुमार पाटिल की देखरेख में बनी टीम ने छापेमारी कर 44 मोबाइल फोन और कंपनी की ब्रांडेड टी-शर्ट व टोपी बरामद की है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी अंकित दास NCRP पोर्टल पर दर्ज 124 साइबर ठगी शिकायतों से जुड़ा है, जिनमें करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी का आंकड़ा है। ये शिकायतें दिल्ली, कर्नाटक, यूपी, बिहार, बंगाल समेत 10 राज्यों से जुड़ी हैं। आरोपी पहले भी फरीदाबाद में साइबर ठगी के मामले में पकड़ा जा चुका है।
फिलहाल पुलिस मनी ट्रेल और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।