नई दिल्ली – मध्य जिला पुलिस ने लूट, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल एक संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका), 1999 के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई सिंडिकेट के सरगना नासिर हाफिज खान उर्फ ईरानी उर्फ समीर के खिलाफ की गई है।
उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह मध्य जिला पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई थाना डीबीजी रोड में दर्ज FIR नंबर 389/2025 की जांच के दौरान सामने आई। जांच में पता चला कि नासिर हाफिज खान उर्फ ईरानी उर्फ समीर अपने साथियों के साथ मिलकर आर्थिक लाभ के लिए लूट, धोखाधड़ी और अन्य संज्ञेय अपराधों का सिलसिला चला रहा था।
मामले का संक्षिप्त विवरण
- नासिर हाफिज खान, निवासी ईरानी बस्ती, अंबीवली, मुंबई, कुख्यात अपराधी और ईरानी गैंग का मुख्य संचालक है। उसके खिलाफ दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में लगभग 38 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- पुलिस का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण चौथी कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने वाला नासिर धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में उतर गया। वह अक्सर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर लूट और धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम देता था।
- मुंबई पुलिस द्वारा पहले भी मकोका के तहत बुक किए जा चुके नासिर को अगस्त 2024 तक न्यायिक हिरासत में रखा गया था। रिहा होने के तुरंत बाद उसने फिर से अपराध शुरू कर दिया।
- 23 अक्टूबर 2025 को उसने अपने साथियों के साथ थाना डीबीजी रोड क्षेत्र में 18.84 लाख रुपये की लूट की। फरार होने के दौरान वह मुंबई से नागपुर और फिर अजमेर भाग गया, जहां उसने तीन अलग-अलग धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दिया, जिनमें एक वरिष्ठ नागरिक महिला से करीब 10 तोला सोना ठगना शामिल है।
गिरफ्तारी और बरामदगी
लंबी जांच, हजारों सीसीटीवी फुटेज की छानबीन, तकनीकी निगरानी और फील्डवर्क के बाद नासिर को 3 जनवरी 2026 को थाना डीबीजी रोड की टीम ने गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 5 मोबाइल फोन, इंटरनेट डोंगल, लूट के पैसे से खरीदी गई कार की किस्तें, लूट में इस्तेमाल बैग और अन्य साक्ष्य बरामद किए।
जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ तीन साल या उससे अधिक सजा वाले कई संज्ञेय अपराधों में आरोपपत्र दाखिल हो चुके हैं और अदालतों ने संज्ञान भी लिया है। दिल्ली में दर्ज 16 मामलों में संज्ञान लिया जा चुका है। लगातार आपराधिक गतिविधियों के कारण मकोका की धारा 3 के तहत नया मुकदमा दर्ज किया गया।
आगे की कार्रवाई
सक्षम प्राधिकारी से धारा 23(1)(a) मकोका के तहत मंजूरी मिलने के बाद यह FIR दर्ज की गई। नासिर को दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद भोंडसी जेल हरियाणा, नागपुर सेंट्रल जेल महाराष्ट्र और अजमेर जेल राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों की जेलों में रखा गया है।
पुलिस अब सिंडिकेट के अन्य सदस्यों, सहयोगियों और मददगारों की पहचान कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है।
मध्य जिला पुलिस ने कहा कि दिल्ली में सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क की पहचान, व्यवधान और खात्मे के लिए कानूनी और जांच संबंधी कार्रवाई जारी रहेगी।