नई दिल्ली, 17 अगस्त 2026
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की ARSC टीम ने हाई-एंड लग्जरी कार चोरी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के सरगना समेत तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 5 चोरी की कारें, डुप्लीकेट चाबियां, 104 फर्जी नंबर प्लेट और 24 जाली आरसी बरामद हुई हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित नगर उर्फ सोनू (35) निवासी रोहिणी, दिल्ली, एटम जगत सिंह (45) और पोटसंगबम मुकेश सिंह (28) दोनों निवासी इम्फाल, मणिपुर के रूप में हुई है। अमित नगर पर पहले से 38 मामले दर्ज हैं।
एच जी एस धालीवाल स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस, क्राइम ब्रांच के अनुसार, यह गिरोह दिल्ली-NCR से महंगी कारें चुराकर राजस्थान, पंजाब, असम, नागालैंड और मणिपुर में बेचता था। सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि दो कारें मणिपुर के उखरुल जिले से, भारत-म्यांमार बॉर्डर के पास से बरामद की गईं। जांच में पता चला कि ये कारें बॉर्डर पर सक्रिय अंडरग्राउंड संगठनों को बेची जानी थीं।
ARSC टीम को गुप्त सूचना मिली थी। 12 मई को छतरपुर एन्क्लेव में छापा मारकर मुकेश सिंह को पकड़ा गया, उसके किराए के मकान से 104 फर्जी HSRP प्लेट और जाली दस्तावेज मिले। उसकी निशानदेही पर जगत सिंह को मजनू का टीला से पकड़ा गया। दोनों की निशानदेही पर वजीराबाद और मुखर्जी नगर से चोरी की कारें बरामद हुईं।
अंत में 28 जुलाई को गैंग लीडर अमित नगर को गिरफ्तार किया गया। लगातार अपराध करने के चलते इस गैंग पर MCOC एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
पूछताछ में अमित ने बताया कि वह 15 साल से यह धंधा कर रहा है। गैंग ECM हैक कर और स्कैनर डिवाइस से कारों की डुप्लीकेट चाबी बनाता था। कार चुराने के बाद अमित फर्जी नंबर प्लेट और RC तैयार करवाता था। वह 1.5 से 2 लाख में चोरी की कार मणिपुर के रिसीवरों को देता था, जो आगे 40-50 हजार के मुनाफे पर बेच देते थे। गिरोह के सदस्य पकड़े जाने के डर से एन्क्रिप्टेड Messenger पर बात करते थे।
अमित ने खुलासा किया है कि वह अब तक 100 से ज्यादा चोरी की हाई-एंड कारें देश के विभिन्न राज्यों में सप्लाई कर चुका है।
यह कार्रवाई DCP क्राइम संजीव कुमार यादव के निर्देशन में ACP संजय नागपाल और इंस्पेक्टर अरुण सिंधु की टीम ने की। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों और नेटवर्क की तलाश में जुटी है।